शनिवार, 4 अप्रैल 2009

ग़ज़ल

जिनको हम दोस्त अपनी जान से प्यारे समझे
अपने अश्कोंको वोही टूटते तारे समझे
सारे आलम में हमें चारागर कहीं न मिला,
हमने चाहा था कोई दर्द हमारे समझे
लब तो खामोश रहे, और जुबाँ भी न खुली
बात आंखों से हुई, दिल ने इशारे समझे
नाखुदा राज़ मेरे जानके अनजान बना
न है कश्ती को पता, और न किनारे समझे
मैं तो वाकिफ़ हूँ तेरे दिल की हर एक धड़कन से
काश तू भी तो कभी मेरे इशारे समझे
'रूह' वो बनके कहर टूट पड़े हैं हमपे,
जिनको हम अपनी मुसीबत के सहारे समझे

13 टिप्‍पणियां:

  1. मान्यवर आपने बहुत ही अच्छी कहाँ की गजल कही है
    गजल व बहर के विषय में कोई भी जानकारी चाहिए हो तो सुबीर जी के ब्लॉग पर जाइये
    www.subeerin.blogspot.com
    आपका वीनस केसरी

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुस्वागतम. वाह! बहुत अच्छा. जारी रहें.

    उत्तर देंहटाएं
  3. wah kya baat hai.............maja aaya padke...........meri tarf se,,
    वो क्या जानेंगें बे-धड़क दिल मे बस जाने का मज़ा

    वो तो ख्वाब में भी आते हैं दस्तक दे कर

    --अनजान शायर

    उत्तर देंहटाएं
  4. सादर अभिवादन
    आपकी रचना के लिये बधाई
    ब्लोग्स के नये साथियों मे आपका बहुत स्वागत है

    चलिये चार पंक्तियों से अपना परिचय करा रहा हू
    चले हैं इस तिमिर को हम , करारी मात देने को
    जहां बारिश नही होती , वहां बरसात देने को
    हमे पूरी तरह अपना , उठाकर हाथ बतलाओ
    यहां पर कौन राजी है , हमारा साथ देने को

    सादर
    डा उदय ’मणि’ कौशिक
    http://mainsamayhun.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .आपका लेखन सदैव गतिमान रहे ...........मेरी हार्दिक शुभकामनाएं......amitjain

    उत्तर देंहटाएं
  7. bahut sunder rachana hai. 'रूह' वो बनके कहर टूट पड़े हैं हमपे,
    जिनको हम अपनी मुसीबत के सहारे समझे ye jeevan ka sach hai. badhai.

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी शुरुआत सुन्दर है.............
    सोच मौलिक होनी चाहिए........शिल्प सीखने में वक़्त नहीं लगता.....
    लिखते रहें

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर….आपका स्‍वागत है|अच्छे लेखन हेतु बधाई|लिखते रहें |हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  10. sabhi mitravarg ko dhanyvaad. bahut khushi ho rahi hai ki Hindi blogs ki is duniya mein mera itna achha swagat hua. Koshish rahegi ki aur bhi kuch achha likh sakoon. Aap sabki shubhkamna sweekary hain.
    Kranti

    उत्तर देंहटाएं
  11. स्वागत है.. आपका हिंदी ब्लॉग की दुनिया में...

    उत्तर देंहटाएं
  12. लब तो खामोश रहे, और जुबाँ भी न खुली
    बात आंखों से हुई, दिल ने इशारे समझे

    'रूह' वो बनके कहर टूट पड़े हैं हमपे,
    जिनको हम अपनी मुसीबत के सहारे समझे

    Waah dost, kyaa baat hai
    aapake blog par first time aaya hu, aur dekha, apne saare dost, aapke blog par aate rehte hain....

    Khair, mazaa aaya aapki ye creation padh kar..

    chhote bhai ko bhii protsaahit karne hamare blog par bhi aaiyega...

    http://tanhaaiyan.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं